Anish
por Anish Kumarहमन े इस घटना के बारे में कभी किसी से बात नही ं की, यहाँ तक कि आपस मे ं भी नहीं, (0:06) यह यह घटना मेरे और मेरे दों दोस्त बेन और रयान के साथ हुआ था, जब हम जंगल में कैंपिंग करने गए थे, (0:11) जैसा हम किया अक्सर करते थे जब भी कोई वीकेंड खाली मिलता था अक्सर हम नई जगह ें एक्सप्लोर किया करते थे। (0:17) हमारे शहर से करीब दो घंट े की दूरी पर एक जंगल था, जिसके बारे मे ं हमन े सुना था। हम काफी वक्त से वहा ँ जान े का प्लान टाल रहे थे क्योंकि कहा जाता था कि वहा ँ जाना खतरनाक है जंगली जानवरों से भरा हुआ था (0:31) जो कैंपर्स पर हमला कर देते थे। बेन हमेशा की तरह अपनी बहादुरी दिखाते हुए बोला कि वो अपनी शॉटगन ले जाएगा और हम सुरक्षित रहेंगे। रयान थोड़ा डरपोक था, लेकिन फिर भी मान गया, (0:42) तो जैस े ही हमारे पास फ्री वीकेंड था, हम वहाँ के लिए निकल पड़े। हम दोपहर के समय वहा ँ पहुँचे, टेंट लगाया और रात ढलने लगी थी। (0:51) हमन े सोचा थोड़ा बाहर टहलते हैं। हमन े अपना सामान अच्छे से सुरक्षित कर दिया और बेन ने शॉटगन निकाल ली, अगर कोई जानवर आ जाए तो उसस े निपटन े के लिए। हम एक संकर रास्ते पर चल पड़े, जो और अंदर जंगल मे ं जा रहा था (1:01) अंधेरे मे ं ऐसी सैर मुझ े हमेशा सुकून देती थी, लेकिन इस बार मुझ े बेचैनी हो रही थी। कुछ अजीब सा लग रहा था। करीब आध े घंट े की वॉक के बाद, हमें अपने आस-पास कुछ आवाजे ं सुनाई देन े लगीं। (1:13) ऐसा लग रहा था जैस े कई बड ़ े जीवों के कदमो ं की आहट हमारे करीब आ रही हो। आज तक मुझ े यकीन है कि उन कदमो ं के साथ मुझ े धीमी धीमी फुसफुसाहट भी सुनाई दे रही थी। हम घबराकर ऐस े भागन े लगे जैस े कोई जानवर फँसन े के बाद भागता है। हम उसी रास्ते से दौड ़ पड़े, जिसस े आए थे। दौड़ते-दौड़ते मैं किसी तरह बेन और रयान से बिछड ़ गया। उनकी टॉर्च की रोशनी भी मुझ े कही ं नही ं दिख रही थी। (1:34) मैं बिना कुछ सोचे दौड़ता रहा। रास्ते मे ं मुझ े एक पुराना, जला झुलसा सा घर दिखा। उसके खिड़कीया बंद थे, लेकिन दरवाजा आधा खुला हुआ था। (1:45) अचानक मुझ े अंदर से कुछ आवाज सुनाई दी। पहले तो मैं डर के मारे सहम गया, लेकिन फिर समझ आया कि अंदर से रयान मुझ े बुला रहा ह ै - कह रहा था कि अंदर आ जाओ। पहले तो मुझ े थोड़ा शक हुआ, लेकिन तभी बाहर से जानवरों जैसी आवाजे ं मेरे करीब आती सुनाई दीं। मै ं दौड़कर घर के अंदर घुसा और दरवाजा बंद कर दिया। (2:01) टॉर्च जलाकर मैंन े चारों तरफ देखा, रयान वहा ँ खड़ा था। मैंन े उसकी आँखो ं पर टॉर्च डाली, लेकिन उस े जैस े कोई फर्क नही ं पड़ा। वो बहुत शांत लग रहा था, जो उसकी आदत नही ं थी। (2:15) उसन े बड ़ े आराम से कहा - "अभी यही ं रुकते हैं। बाहर जो भी चीज े ं हैं, वो खतरनाक हो सकती हैं।" (2:20) मुझ े बेन की चिंता हो रही थी, लेकिन मैंन े सोचा, कम से कम उसके पास शॉटगन है, अगर कुछ हुआ भी तो वो खुद को बचा सकता है। मैंन े लंबी साँस ली और उस कमरे को देखन े लगा। (2:31) कमरे मे ं पड़ी जली हुई कुर्सियाँ दिख रही थीं। एक कोने में लकड़ियो ं और पत्थरों का ढेर बना हुआ था।