Neeraj khatarkar
Neeraj Gaming. N.K에 의해सपनों का शहर, यहाँ कोई अपना नहीं है,
प्यार-व्यार की बातें, सब लगता है फ़र्ज़ी है।
बचपन से देखा, मैंने ये ज़माने का रंग,
रिश्तों से ज़्यादा, यहाँ नोटों का है ढंग।
वो G का साथ था, मगर वो बात नहीं थी,
चाहतों के बदले, हक़ीक़त की रात नहीं थी।
अंधेरी गलियों में, मैंने देखा है ख़ुद को,
पैसा ही रौशनी है, ये समझाया ख़ुद को।
(Chorus)
लव-शव की बातें, अब करता नहीं हूँ,
मैं और G, अब साथ चलते नहीं हैं।
क्योंकि अब मैटर नहीं करता प्यार,
जेब में चाहिए बस कैश, बेशुमार।
हाँ, अब मैटर नहीं करता प्यार,
मुझे चाहिए मेरे बैंक में भर-भर के यार।
(Verse 2)
याद है वो दिन, जब सब थे पीछे,
जब जेब में था छेद, तो सब थे नीचे।
आज जब है डॉलर, तो कहते हैं भाई,
पर मैंने भी सीखी है, दुनिया की सच्चाई।
प्यार का ख़ुमार था, वो सब था बस एक खेल,
असली गेम है पैसा, और यही है इसका मेल।
गाड़ी, बंगला, सोना, यही है अब मेरा यार,
प्यार के पीछे दौड़ने से, मिला था सिर्फ़ हार।
(Chorus)
लव-शव की बातें, अब करता नहीं हूँ,
मैं और G, अब साथ चलते नहीं हैं।
क्योंकि अब मैटर नहीं करता प्यार,
जेब में चाहिए बस कैश, बेशुमार।
हाँ, अब मैटर नहीं करता प्यार,
मुझे चाहिए मेरे बैंक में भर-भर के यार।
(Bridge)
अब ना कोई फ़िक्र है, ना किसी का इंतेज़ार,
मेरा भविष्य मेरी मेहनत है, और मेरा कारोबार।
बदला हुआ है सब, बदला हुआ है यार,
मेरी कामयाबी से अब जलती है ये दुनिया हर बार।
तो रहने दो प्यार, रहने दो जज़्बात,
मैं बनाऊँगा दौलत, दिन और रात।
(Outro)
लव मैटर नहीं, लव मैटर नहीं,
सिर्फ़ पैसा, अब और कुछ नहीं।
मैं और मेरी दौलत, यही है अपनी कहानी,
बाक़ी सब बातें पुरानी।
पैसा!
पैसा!
पैसा!