[संगीत] दिल में अब कोई ख्याल भी नहीं है। तेरे जाने का मलाल भी नहीं है। मंतज़िर में था जो तेरे आने का अब तो तेरा इंतजार ही नहीं है। मन में मेरे अब सवाल ही नहीं है। हुआ ये कोई कमाल भी नहीं है। जीत गया तुझे भूल के मैं ऐसे जैसे जिंदगी में कोई हार ही नहीं है। अब तो तेरा इंतजार ही नहीं है। अब तो तेरा इंतजार ही नहीं है। तेरे जाने का मलाल भी नहीं है। अब तो तेरा इंतजार तेरी तरह नजर मुड़ी तो देखा है कोई बगल में तेरे तेरी नजर से जो मिली मेरी नजर तो देखा है नूर चेहरे पे तेरे तुझे बुलाने को आवाज ही नहीं है। तुझे बताने को अल्फाज ही नहीं है। बुझ रही है ये श्मा मेरे हाथों में। इसे जलाने को अब आग भी नहीं है। जिंदगी ये अब बेजार भी नहीं है। मेरी आंखों में तो प्यार ही नहीं है। दिल ये खुश है हवाओं से दुआओं से। अभी आई कोई बहार भी नहीं है। अब तो तेरा इंतजार ही नहीं है। अब तो तेरा इंतजार ही नहीं है। तेरे जाने का मलाल भी नहीं है। अब तो तेरा इंतजार ही नहीं है। दिल में अब कोई ख्याल भी नहीं है। तेरे जाने का मलाल भी नहीं है। मंजिर में था जो तेरे आने का, अब तो तेरा इंतजार ही नहीं है। अब तो तेरा इंतजार ही नहीं है। अब तो तेरा इंतजार ही नहीं है। मंतज़िर में था जो तेरे आने का अब तो तेरा इंतजार ही नहीं है। अब तो तेरा इंतजार ही नहीं है। अब तो तेरा इंतजार ही नहीं है। तेरे जाने का मलाल भी नहीं है। अब तो तेरा इंतजार ही नहीं है। [संगीत] वे चारों पासे आग लगाई हुई है कुड़ी केड़े पिंड तो आई हुई है चारों पासे आग लगाई हुई है कुड़ी केड़े पिंड तो आई हुई है पहला वाले ओ दे सिलकीनी दूजा गिया मिलके पहला वाले ओ दे सिलकीनी दूजा गिया मिलकी नैन शराबी चाल नवाबी केड़ी मिट्टी दी तू बनाई हुई है वे चारों पासे आग लगाई हुई है कुड़ी केड़े पिंडो आई हुई है चारों पासे आग लगाई हुई है कुड़ी केड़े पिंडो आई हुई है [संगीत] [संगीत] मुख तेरा देख के चर्मदा है हर दिन मेरे सपने तेरा देख शर्म है चेहरा तेरा मेरे सपने मेरा दिल मेरी रूह मेरा दिल मेरी रूह चाहे तेनुता कॉन्फिडेंट वाली मेरे आगे आज क्यों छाई हुई है बे चारों पासे आग लगाई हुई है कुड़ी केड़े पिंड तो आई हुई है चारों पासे आग लगाई हुई है कुड़ी केड़े पिंड तो आई हुई पहला वाले दे सिलकी नीजा गिया मिलके पहला वाले दे सिलकी नी दूजा गिया मिलके नैन शराबी चाल नवाबी के मिट्टी दी तू बनाई हुई है नी चारों पासे आग लगाई हुई है कुड़ी केड़े पिंड तो आई हुई है चारों पासे आग लगाई हुई है कुड़ी केड़े पिंड तो आई हुई है [संगीत]
کوئی تو ہے جو میری خاموشی کو سمجھتا ہے، میرے دل کی دہلیز پر بیٹھا روتا ہے۔ یہ زندگی کی راہیں، یہ تنہائی کے ساۓ، ہر موڑ پر مجھے تیری یاد ستاتی ہے۔ کیا کہوں، کیسے کہوں، یہ دل کی کہانی۔