केसे..बताऊ.. किइश्क में तेरा कित्ना.. बे..वाक में.. मोहोबत्तमें अपने कित्नाँ पागल हु मैं...
कैसे..बताऊ.. इश्क में तेरा कित्ना.. बे.वाक में... मोहोबत्त में अपना कित्नाँ पागल हु. मैं....
मेरा साए.. है सा..थ में.... यारा जिस जगा तुम हो..ओ..ओ... मैं जो जी रेह रहा हूं.. वजह तुम हो..ओ... hooooo) है ये नाता. या हैं..kahar ये pyaar को..hum क्या बोल दे.(ये प्यार.. को.. हम क्या बोल दे...) हैंये..ka.har या है नहर.इस pyaar को..hum kya बोल दे.इस प्यार.. को.. हम kya केह दे. कब से लगि हु पूराआ करनेमेंइसको इस प्यार..को हम क्या बोल दे... तुम्हे भू.उ.ऊ.लु कैएसे मै...ए..ए. मेरी पेहेली महोबत्त. तुम्हि हो.ओं....ओ. मैं जो जी रहा हूँउ.ऊ.. वजह तुम हो...ओoo ( क्या जाने तु मेरे बारेमा ले जाउँगाङ् सबसे चुराके तु बोलरहीहो कि मै चलाअा जाउ तुमहारी बेगर कहीं ना जाउँगा... मैं खुस...नुमा सि राआँते हु. मेरा हस्सता हुआ सुबह तुम ही हो..ओ..ओ मैं जो जी रेह रहा हूं.... वजह तुम हो..ओ...वजह तुम हो..ओ...