एक छोटे से गाँव में आर्यन नाम का एक शरारती लेकिन प्यारा लड़का रहता था। गाँव के किनारे एक बहुत बड़ा और पुराना आम का पेड़ था, जो मीठे और रसीले आमों से लदा हुआ था। एक दोपहर, आर्यन का मन आम खाने का हुआ और वह उस पेड़ के पास पहुँच गया।
पेड़ बहुत ऊँचा था और सबसे अच्छे आम सबसे ऊपर वाली टहनियों पर लगे थे। आर्यन ने पहले नीचे से पत्थर मारकर आम गिराने की कोशिश की, लेकिन उसका निशाना चूक गया। फिर उसने पेड़ पर चढ़ने की कोशिश की, पर तना इतना चिकना और मोटा था कि वह बार-बार फिसल कर नीचे गिर जाता। काफी देर तक मेहनत करने के बाद भी जब एक भी आम नहीं टूटा, तो आर्यन थक कर पेड़ के नीचे बैठ गया। उसकी आँखों में आँसू आ गए और वह निराश होकर बुदबुदाया, "शायद मेरी किस्मत में ये आम नहीं हैं।"
तभी उसे ऊपर की टहनियों से पत्तों के सरसराने की आवाज़ आई। उसने ऊपर देखा तो पाया कि एक बंदर उसे बड़े ध्यान से देख रहा था। आर्यन को लगा कि बंदर उसका मज़ाक उड़ा रहा है, लेकिन तभी बंदर ने एक डाल को ज़ोर से हिलाया और एक बड़ा, पीला और पका हुआ आम सीधा आर्यन की गोद में आकर गिरा।
आर्यन दंग रह गया! उसने ऊपर देखा, तो बंदर मुस्कुराते हुए उसे एक और आम तोड़कर देने की कोशिश कर रहा था। एक-एक करके बंदर ने चार-पांच बेहतरीन आम नीचे गिरा दिए। आर्यन की खुशी का ठिकाना न रहा। उसने एक आम खाया और फिर खुशी से चिल्लाया, "शुक्रिया मेरे दोस्त!"
आर्यन ने अपने थैले से एक बिस्किट का पैकेट निकाला और एक बिस्किट ऊपर की तरफ उछाला। बंदर ने उसे फुर्ती से लपक लिया और मज़े से खाने लगा। उस दिन के बाद से आर्यन रोज़ पेड़ के पास आता और बंदर के लिए कुछ न कुछ खाने को लाता, और बंदर उसे पेड़ के सबसे मीठे आम तोड़कर देता।
इस तरह, एक आम तोड़ने की कोशिश ने एक लड़के और एक बंदर को पक्के दोस्त बना दिया।
السلام علیکم دوستو، کیا حال ہے؟ آج کا دن بہت خوبصورت ہے۔ میں نے سوچا آپ سے تھوڑی باتیں کر لوں۔ آپ کی زندگی کیسے چل رہی ہے؟ مجھے بتائیں، میں سننے کے لیے تیار ہوں۔ مسکراتے رہیں، خوش رہیں۔