जब इस व्यक्ति ने कारों की मरम्मत की दुकान खोली, तो उसके पड़ोसी ने ठीक बगल में एक फैक्ट्री बना ली और सड़क को बंद कर दिया, जिससे कारों का दुकान तक पहुँचना असंभव हो गया। उस व्यक्ति ने तुरंत समझ लिया कि पड़ोसी उसके व्यवसाय को नष्ट करने की कोशिश कर रहा है।
इसलिए उसने फैक्ट्री के पास की खाली ज़मीन खरीद ली और उसमें से एक कच्ची सड़क बना दी, जिससे दुकान फिर से सड़क से जुड़ गई और कारों का आना-जाना संभव हो गया।
लेकिन जब फैक्ट्री के मालिक ने देखा कि उसने क्या किया है, तो उसने उस सड़क पर टनों मिट्टी डलवा दी और रास्ता फिर से बंद कर दिया।
तब उस व्यक्ति ने एक खुदाई मशीन खरीदी और धीरे-धीरे मिट्टी हटाने लगा। इसके जवाब में फैक्ट्री मालिकों ने उस पर मुकदमा कर दिया और आरोप लगाया कि वह फैक्ट्री के निर्माण में बाधा डाल रहा है।
अदालत में उस व्यक्ति ने फैक्ट्री मालिक द्वारा किए गए सभी बेतुके और अनुचित कार्यों को प्रस्तुत किया। जज स्पष्ट रूप से उससे सहमत भी दिखाई दे रहे थे, लेकिन फैक्ट्री मालिक ने आख़िरी दलील दी।
उसने दावा किया कि उसने एक बार उस मरम्मत की दुकान का शौचालय इस्तेमाल किया था और देखा कि वहाँ कोई सीवेज सिस्टम नहीं था, जिसका मतलब यह था कि दुकान शुरू से ही अवैध थी।
अंततः जज ने फैक्ट्री के पक्ष में फैसला सुनाया
یہ بات اس وقت کی ہے جب میں اپنے دوست کے ساتھ بازار گیا تھا۔ ہم دونوں نے بہت سی دکانیں دیکھیں، چائے پی اور پرانی یادوں کو تازہ کیا۔ وہ دن آج بھی میری یادوں میں تازہ ہے۔